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कैंट बोर्ड के बारे में

रुड़की छावनी : इस छावनी को 1176 एकड़ जमीन के कुल क्षेत्र के साथ वर्ष 1853 में स्थापित किया गया था। 2011 की जनगणना के अनुसारए छावनी की कुल जनसंख्या 14356 है। कैंट अधिनियम 2006 के अनुसार रुड़की छावनी एक द्वितीय श्रेणी छावनी है।

चुनाव : सभी सात वार्डों के लिए चुनाव 18.05.2008 को किया गया था । छावनी अधिनियम 2006 के अनुसार रुड़की छावनी के वार्ड न. दो तथा सात महिलाओं के लिए आरक्षित थे। कोई भी वार्ड अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित नही है।

रुड़की छावनी : यह छावनी भारतीय सेना के बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप एंड सेंटरध्बंगाल सैपर्स का मुख्यालय है (प्यार से इसे भगवान का ही रूप कहा जाता है)। एकमात्र बीईजी और सी को सेना के समूह नौसेना और वायु सेना दोनों के साथ संबद्ध होने का अद्वितीय गौरव प्राप्त है। न केवल युद्ध के समय बल्कि शांति के समय में भी इस ग्रुप की उप्लब्धियां प्रख्यात हैं । ऊपरी गंगा नहर का निर्माणए ऊंचाईयों पर सड़कों व पुलों का निर्माण तथा देश के विभिन्न हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओ व विपत्तियों के कुशल प्रबंधन की जिम्मेदारी उठाने के कारण इस ग्रुप ने असीमित ख्याति प्राप्त की है । समूह द्वारा किए गए महत्वपूर्ण परियोजनाओं में ऊपरी गंगा नहर के निर्माणए थॉमसन इंजीनियरिंग कॉलेज (अब आईआईटी रुड़की) का निर्माण, कोलकाता और नागपुर के बीच जीटी रोड व ट्रंक रोड का निर्माण शामिल है।

बीईजी और सी रुड़की देश की सबसे पुरानी सैनिक इकाइयों में से एक है और वीरता, सेवा और त्याग की एक किंवदंती बन गयी है। कैप्टन टॉम वुड ने बंगाल पायनियर को सन 1803 में कानपुर (उ.प्र.) में स्थापित किया था । तद्पश्चात बंगाल सैपर्स की स्थापना 1819 में की गयी । कुछ समय पश्चात इन दोनों संगठनों का विलय का दिया गया जो बीईजी और सी के रूप में जाना गया । इसका मुख्यालय लुधियाना(पंजाब) में स्थापित किया गया जिसे बाद में सन 1853 में रूड़की स्थांनांतरित कर दिया गया। यह अब बीईजी और सी रुड़की, बंगाल सैपर्स रुड़की या रुड़की कैंट के रूप में जाना जाता है।

बीईजी और सी को सैकड़ों प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करने का गौरब प्राप्त है । इनमें से मुख्य हैं – पदम विभूषण, पद्मश्री, विक्टोरिया क्रॉस, मिलिट्री क्रास, भारतीय मेरिट आर्डर, युद्ध के दौरान के बहुत सारे स्पेशल पदकए विशेष सेवा पदक, कीर्ति चक्र और अर्जुन पुरस्कार इत्यादि ।

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